- उज्जैन में BJP का स्थापना दिवस: 560 बूथों पर कार्यक्रम, जुलूस-आतिशबाजी के साथ मनाया जश्न; नेताओं ने बताया- भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी
- अलसुबह भस्म आरती में सजे बाबा महाकाल, मंदिर में गूंजा ‘जय श्री महाकाल’
- एक्ट्रेस कावेरी प्रियम ने महाकाल की भस्म आरती में की पूजा: बोलीं- यहां की ऊर्जा अद्भुत, 3 साल से आ रहीं उज्जैन!
- स्वस्ति वाचन से खुले पट; भांग-चंदन और पुष्पों से हुआ दिव्य श्रृंगार, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
- महाकाल की भस्म आरती में केंद्रीय मंत्री और क्रिकेटर पहुंचे: धर्मेंद्र प्रधान-उमेश यादव ने किया जलाभिषेक, दोनों ने लिया भगवान का आशीर्वाद
‘नकली हिंदू बनने की कोशिश न करें!’ गंगा स्नान पर खड़गे की टिप्पणी से सियासत गरमाई, उज्जैन में BJP कार्यकर्ताओं ने खड़गे का फूंका पुतला
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
सोमवार को मध्य प्रदेश के महू में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली पर आयोजित कांग्रेस की “जय भीम, जय बापू, जय संविधान” रैली ने देश की राजनीति को हिला कर रख दिया। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयानों ने माहौल और भी गर्म कर दिया है।
दरअसल, महू की रैली में मल्लिकार्जुन खड़गे ने गंगा स्नान पर विवादित टिप्पणी कर दी। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या गंगा में डुबकी लगाने से गरीबी दूर होती है? क्या इससे भूख मिटती है?” खड़गे ने आगे कहा, “जब बच्चा भूखा मर रहा है, स्कूल नहीं जा रहा, मजदूर को मजदूरी नहीं मिल रही, तब कुछ लोग हजारों रुपए खर्च कर के प्रतियोगिताओं में डुबकी लगाते हैं। जब तक टीवी पर अच्छा दृश्य नहीं आता, तब तक ये लोग डुबकी मारते रहते हैं। ऐसे लोगों से देश की भलाई नहीं हो सकती।” हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मंशा किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं थी और अगर किसी को दुख हुआ है तो वह माफी मांगते हैं।
लेकिन खड़गे के इस बयान ने बीजेपी को भड़का दिया। बता दें, उज्जैन में भाजपा कार्यकर्ताओं ने खड़गे का पुतला जलाया। मंगलवार को फ्रीगंज में भाजपा के लोकशक्ति कार्यालय के बाहर इकट्ठा होकर उन्होंने खड़गे के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर खड़गे से माफी मांगने की मांग की गई। भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष राजेश धाकड़ ने कहा कि हम खड़गे जी के बयान की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि आप नकली हिंदू बनने की कोशिश न करें और धर्म को सही से समझें, कांग्रेस तुष्टिकरण की नीति पर चल रही है।